नमस्कार दोस्तों, आज मै लेकर आया हूं उस अदभुत देश की कहानी जहा का प्रमुख धर्म तो इस्लाम है लेकिन संस्कृति हिन्दुओं वाली है। जो दुनिया में सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश है, जहां की 90 फ़ीसदी जनसंख्या इस्लाम को मानने वाली है। लेकिन फिर भी यहां के नोटों पर भगवान गणेश की तस्वीर बनी हुई है। दोस्तों इस अदभुत देश का नाम है इंडोनेशिया। 



indonesia me hindu ki jansankhya

आज के समय में इंडोनेशिया दक्षिण एशिया का एक देश है। छठवीं से सातवीं शताब्दी तक इंडोनेशिया एक हिंदू बहुसंख्यक राष्ट्र था। जहां बौद्ध धर्म के लोग भी रहते थे। हालांकि यह बात अलग है कि आज इंडोनेशिया में हिंदू धर्म को मानने वालों की संख्या 2 फ़ीसदी से भी कम है। परन्तु फिर भी आज यहां की हर चीज पर हिंदू संस्कृति की छाप बड़ी आसानी से दिख जाती है। यहां के लोग, स्कूल, गली, रस्तो और दुकानों के नाम संस्कृत मै रखे जाते है। 


इंडोनेशिया के प्रथम राष्ट्रपति का नाम हिन्दू था  

इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति का नाम सुकर्नो था। जो को एक मुस्लिम थे। सुकरनो के पिता महाभारत के कर्ण से काफी प्रभावित थे और क्यूंकि महाभारत मै कर्ण ने गलत लोगो का पक्ष लिया था इसी कारण उन्होंने आपने बेटे का नाम सू करनों रखा था। इसमें सु का अर्थ है अच्छा। यहां आपको कई मुस्लिम बच्चों के नाम कृष्णा, प्रिया, विष्णु, विद्या, राधा आदि हिंदू संस्कृति पर आधारित मिल जाएंगे। दरअसल संस्कृत यहां के जनजीवन की भाषा का हिस्सा बन चुकी है। इंडोनेशिया की भाषा को उनकी लोकल लैंग्वेज मै bhasha Indonesia कहां जाता है। जिसमे संस्कृति और तमिल भाषाओं का बोलबाला है। 


इंडोनेशिया में रामायण का प्रभाव 

इंडोनेशिया में रामायण का प्रभाव इतना गहरा है कि यहां की सारी संस्कृति रामायण की पारंपारिक आस्था से जुड़ी हुई है। इंडोनेशिया की रामलीला दुनियाभर में प्रसिद्ध है। अगर आप इंडोनेशिया मै रामायण और महाभारत का जिक्र करेंगे तो वे कहेंगे की यह तो हमारे धार्मिक ग्रंथ है। 

आज से करीब 3 साल पहले इंडोनेशिया के शिक्षा और संस्कृति मंत्री अनीश वास वेतन भारत आए थे अनीस ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए कहा था कि हमारी रामायण दुनिया भर में मशहूर है और हम चाहेंगे कि हमारे कलाकार भारत में भी अपनी कला का नियमित रूप से प्रदर्शन करें। 

दोस्तो इंडोनेशिया मै रामायण की लोकप्रियता से जुड़ी एक और कथा मै आपको सुनता हूं जिसका जिक्र हिंदी के प्रसिद्ध विद्वान फादर कामिल बुल्के ने अपने एक लेख मै किया था। 1982 के अपने इस लेख मै वे लिखते है कि मेरे एक मित्र ने जावा के किसी गांव में एक मुस्लिम शिक्षक को रामायण पढ़ते हुए देखकर पूछा था कि आप रामायण क्यों पढ़ते हैं? तो उस मुस्लिम शिक्षक का उत्तर था कि मै एक अच्छा इंसान बनने के लिए रामायण पढ़ता हूं। 


दोस्तो इंडोनेशिया मै रामायण की लोकप्रियता से जुड़े ऐसे कई दिलचस्प किस्से मौजूद है। एक बार इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो से मिलने के लिए पाकिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल इंडोनेशिया की यात्रा पर था। इस दौरान जब उन्हें वहां पर रामलीला देखने का मौका मिला। तब वे लोक यह देखकर हैरान हो गए कि आखिर एक इस्लामिक देश में रामलीला का मंचन क्यों हुए है? उन्होंने सुकर्नो से हिचकिचाते हुए पूछा कि आखिर इस्लामिक देश मै रामलीला आयोजित करने का क्या मतलब है। तब सुकर्नो ने फौरन जवाब दिया कि इस्लाम हमारा धर्म है और रामायण हमारी संस्कृति। दोस्तो यह एक मुस्लिम राष्ट्र के एक मुस्लिम राष्ट्रपति का बयान था। 


आज वास्तविकता यह है कि इंडोनेशिया मै जगह जगह सड़कों के बीच और किनारे रामायण महाभारत के अनेक पात्र तथा हिन्दू देवी देवताओं की प्रतिमाएं बड़ी आसानी से देखने को मिल जाती है। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में शहर के बीचों बीच अनेक घोड़ों से खींचने वाले रथ पर श्री कृष्ण और अर्जुन की भव्य प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है। आज इंडोनेशिया हिन्दू स्थापत्य कला और संस्कृति से जुड़े मंदिरों के लिए भी प्रसिद्ध है। महाभारत काल में भीम के पुत्र घटोत्कच जिसने महाभारत के युद्ध मै प्रमुख भूमिका निभाई थी और जिससे आज भारत मै काफी कम लोग परिचित होंगे। उस घटोत्कच की प्रतिमा जकार्ता मै बनी हुई है। 


इंडोनेशिया की नोट पर है भगवान गणेश का चित्र 

दोस्तो इंडोनेशिया कि करंसी को rupiah कहां जाता है।  इंडोनेशिया की धर्म निरपेक्षता का अनुमान आप इसी बात से लगा सकते है कि यहां की बीस हजार की नोट पर भगवान गणेश की प्रतिमा बनी हुई है। भगवान गणेश को यहां पर शिक्षा, कला और विज्ञान के देवता के रूप मै पूजा जाता है। नोट पर गणेश जी के साथ इंडोनेशिया के प्रथम शिक्षा मंत्री हदजर देवांतरा की भी तस्वीर लगी हुई है। देवांतरा इंडोनेशिया की आजादी के नायक भी रहे है। कुछ साल पहले जब इंडोनेशिया कि अर्थव्यवस्था लड़खड़ाई, उस वक्त यहां के राष्ट्रीय आर्थिक चिंतकों ने काफी विचार कर बीस हजार का एक नोट जारी किया और इस नोट पर भगवान गणेश की तस्वीर को छापा गया।  


इंडोनेशिया की मिलिट्री में भारतीय संस्कृति 

इसके अलावा इंडोनेशिया कि मिलिट्री फोर्स का ऑफिशियल mascot यानी शुभंकर हनुमान है।। 

इसके साथ साथ जैसे भारत मै जल सेना अध्यक्ष को एडमिरल कहते है। इंडोनेशिया मै इस पद तो लक्ष्मण नाम से जाना जाता है। इंडोनेशिया की एयरलाइन का लोगो गरुड़ पक्षी है जो रामायण के गरुड़ राज से लिया गया है। इसके अलावा इंडोनेशिया का राष्ट्रीय प्रतीक भी गरुड़ है। 


वीडियो देखे:



दोस्तो आज इंडोनेशिया धर्म निरपेक्षता की अदभुत मिसाल है। जो एक इस्लामिक देश होने के बावजूद सांस्कृतिक रूप से भारतीय है। आज इंडोनेशिया पूरी तरह मुस्लिम राष्ट्र होते हुए भी अपनी प्राचीन हिंदू संस्कृति को संजोए हुए है। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि आज धर्मनिरपेक्ष भारत अपनी संस्कृति को क्यों भूलता जा रहा है। हमारी सरकारों ने अपने कामकाज से हमेशा इस सस्कृती को दूर रखा। दोस्तो जहातक मै समजता हूं कि धर्मनिरपेक्षता का मतलब ये नहीं होता कि हम हमारी सभ्यता और संस्कृति को भूल जाए। इस बारे मै आपकी क्या राय है हमें कॉमेंट बॉक्स में जरूर बताए। और सनातन संस्कृति से जुड़ी ऐसीही और वीडियो देखने के लिए आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब भी कर सकते। धन्यवाद...

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