कर्ण पिशाचिनी सात्विक साधना | karna pishachini mantra & karna pishachini sadhna 



आज हम आपको कर्णपिशाचनी (Karna Pishachini Sadhna) के बारे में बताने जा रहे हैं. आप में से कई लोगों ने कर्ण पिशाचिनी का नाम सुना होगा. शक्ति पाने के लिए अघोरी कई तरह की साधनाएं करते हैं उनमें से ही एक होती है कर्ण पिशाचिनी साधना. कर्ण पिशाचिनी साधना करने वाला साधक किसी भी व्यक्ति का भूत भविष्य जान सकता है.



कर्ण पिशाचिनी क्या है - What is karna pishachini sadhna hindi

कर्ण पिशाचीनी अदृश्य शक्ति यक्षिणी का स्त्री रूप है और उसके पास अपार शक्तियां होती है. कहा जाता है कि कर्ण पिशाचीनी को वश में करने वाला व्यक्ति किसी भी व्यक्ति के भूतकाल और भविष्य काल के बारे में सब कुछ बता सकता है. अन्य तांत्रिक साधनाओं की तुलना में कर्ण पिशाचिनी साधना अलग और खास असर देने वाली होती है. कर्ण पिशाचीनी के वशीभूत होने पर वह सीधे कान में आकर घटनाओं और दुर्घटनाओं के बारे में जानकारी देती है और उससे बचने के उपाय भी बताती है। 


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इस साधना को करने से व्यक्ति काफी शक्तिशाली हो सकता है आमतौर पर यह साधना दुर्गम जगह जैसे शमशान घाट में बैठकर अघोरी लोग करते हैं।  इस साधना को करने के लिए एक गुप्त मंत्र का जाप किया जाता है।  अन्य साधना ओं की तुलना में यह साधना जल्द फलीभूत होती है लेकिन इसे करने वाला साधक को कई कड़े नियमों का पालन करना पड़ता है।  अगर इन नियमों में कोई त्रुटि हो जाती है, तो ऐसा करने पर इसका उल्टा प्रभाव भी हो सकता है और लाभ के बजाय भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।  मूल रूप से यह कहां जा सकता है कि इस साधना को आम लोग नहीं कर सकते यह केवल अकेले रहने वाले अघोरी लोगों के लिए बनी है.



कर्ण पिशाचीनी साधना कि विधी - Karna pishachini sadhana vidhi

यह साधना करने के लिए कम से कम 11 दिनों का वक्त लगता है.  इसके लिए सबसे पहले आपको कांसे की थाली में तिलक से सिंदूर को बनाना है. और नीचे दिए गए मंत्र का रोज 1100 बार जाप करना है. यह साधना रात को 12:00 बजे के बाद ही करनी है. इसका मंत्र नीचे दिया गया है।


कर्ण पिशाचीनी साधना का मंत्र - karna pishachini mantra

कर्ण पिशाचिनी साधना करने वाला साधक निचे दिए गए मंत्र (karna pishachini mantra) का जप कर सकता है। कर्ण पिशाचिनी शाबर मंत्र कुछ इस प्रकार है -
ॐ नमः कर्ण पिशाचिनी अमोघ सत्यवादिनि 
मम कर्णे अवतरावतर अतीतनागतवर्तमानानि दर्शय दर्शय 
मम भविष्य कथय ह्रीँ कर्णपिशाचिनी स्वाहा।।

कर्ण पिशाचिनी साधना फलीभूत करने के लिए इस मंत्र का 11 दिनों तक हर रोज 1100 बार जाप करना है। 

कर्ण पिशाचिनी साधना के समय इन नियमो का ध्यान रखे - Rules for karna pishachini sadhana

  1. साधक को इस समय मै काले वस्त्र को पहनना चाहिए।
  2. भोजन दिन मै एक ही बार करे।
  3. व्यर्थ बातचीत ना करे कम से कम बोले और अन्य लोगो से दूरी बनाए।
  4. पर स्त्री से बातचीत ना करे, स्त्री समागम से दूर रहे।
  5. मन कर्म वचन की शुद्धि रखे।

हो सके तो किसी गुरु के बिना इस साधना को ना करे और जब तक आप साधना के लिए पूरी तरह तैयार ना हो तब तक इससे करने का प्रयास ना करे क्यूंकि यह साधना गृहस्थ जीवन जीने वालों के लिए नहीं है... इसलिए जब तक आपको पूरी तरह पता न हो की आप क्या कर रहे हो तब तक इसे करना खतरे से खाली नहीं।


उम्मीद करते है आपको कर्ण पिशाचिनी साधना की यह जानकारी उपयोगी साबित हुयी होगी। इस लेख को पढ़ने के बाद कर्ण पिशाचिनी क्या है और karn pishachini sadhna and mantra से जुडी जानकारी मिली होगी।


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